नॉर्मस, नॉलेज एण्ड यूसेज (मानदंड, जानकारी और उपयोग)

Warning message

Mean Menu style requires jQuery library version 1.7 or higher, but you have opted to provide your own library. Please ensure you have the proper version of jQuery included. (note: this is not an error)

हिंदी 7

Printer-friendly versionPrinter-friendly version

शौचालयों का आंशिक या संपूर्ण अनुपयोग जहाँ परिवार के कुछ या सभी सदस्य खुले में शौच कर रहे हों एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है। हालांकि सभी परिवारों के पास शायद शौचालय हों लेकिन समुदाय संपूर्ण रूप से तब तक खुले में शौच से मुक्त नहीं हो सकते हैं जब तक सभी शौचालयों का उपयोग करना आरंभ ना करें। यह केवल रखरखाव या पहुँच का मुद्दा नहीं है बल्कि यह सामाजिक मानदंड, मानसिकताओं और सांस्कृतिक वरीयताओं का मुद्दा भी है। यह समस्या बड़े पैमाने पर फैली हुई है लेकिन इसे भारत में सबसे सुस्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फ्रंटीयर्स ऑफ सी.एल.टी.एस के इस प्रकाशन में यह पूछा गया है कि यह समस्या कितनी गंभीर है, यह क्यों उत्पन्न होती है और इसके बारे में क्या किया जा सकता है और किन किन चीजों को जानने की जरूरत है। इसमें वर्तमान जानकारी को संक्षेप में पेश करने का प्रयास किया गया है जो दुनिया के कुछ हिस्सों में खुले में शौच से मुक्त स्थिति को प्राप्त करने और निरंतर उसे बनाए रखने के उद्देश्य के सामने आने वाली बढ़ती हुई बाधाओं को जानने और सीखने के लिए उठाया गया पहला कदम है।

इस मुद्दे को डाउनलोड करें

Date: 1 April 2016
Resource types: 
Language: 
Hindi